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Hymn No. 193 | Date: 30-Jun-1998
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तेरी मेहरबानी से कई - कई जिंदगी सँवर जाती है ;
तेरी मेहरबानी से कई - कई जिंदगी सँवर जाती है ;
चारों तरफ से थके हारे में उत्साह जगा जाती है ।
जो तेरी शरण में आते है, तू सब भूल के करता है मदद उनकी;
बेसहारों का तू है सहारा; अनाथों का नाथ तू ही है ।
जिन्होंने तुझको याद किया, उनकी फिक्र तूने उम्र भर की;
इस जनम की क्या बात है, हर जनम में तूने मदद किया।
जिन्होंने अपनी जिंदगी तेरे हवाले किया बिन् कोई सवाल किसे;
उनको तूने जीवन की मझधार से निकालकर किनारे पे पहुँचाया ।
जो खुदको भूलके सिर्फ तुझमें खो जाते है ।
वो तेरी ही कृपा से तेरे धाम पहुँच जाते है ।


- डॉ.संतोष सिंह