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Hymn No. 2044 | Date: 22-Oct-2000
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बहुत कुछ है ऐसा जो जीना नहीं देता तेरे बगैर हमको।
बहुत कुछ है ऐसा जो जीना नहीं देता तेरे बगैर हमको।
बहुत कुछ है ऐसा दिल में जिसे तू जाने पर कहे बिन् रह न पाते हम।
सनम लाख तोड़ा कसमें तो क्या से, नाता जोड़ा है तुझसे प्यार से।
गुमां करने की कोई बात ना है, तेरी ब नाये हुये जात का हूँ मैं।
दास होगा मन मेरा माया का, पढने ना दिया कभी साया दिल पे।
लाख उंगली उठा सकता है तू मूझपे, पर प्यार है मेरा खरा तेरे वास्ते।
मेरे पास चाहे कुछ ना हो पर जो तू निकल गया तो हूंगा ना मैं खूद का।
अतिश्योक्ति होगी मेरी बातों में, पर अब मन का भी होता है हाल बूरा तेरे बिना।
जीनें को तू जीये जा रहा हूँ, याद तेरी ना हो तो श्वास भी लगती है अधूरी।
मेरे किस्सा का प्रेममय् पहलू है तू, बाकी सब तो है आसुओं की बूंद।


- डॉ.संतोष सिंह