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Hymn No. 2057 | Date: 04-Nov-2000
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जायेगे जरूर जहाँ तू भेजेगा, उस रिश्ते को निभायेगे जो तू बनायेगा।
जायेगे जरूर जहाँ तू भेजेगा, उस रिश्ते को निभायेगे जो तू बनायेगा।
तेरा कहाँ हुआ करने को, प्राणों की बाजी परवाह किये बगैर कर दिखायेगे।
पल - पल भावों में रहके, व्यवहारिक कर्मों का जीवन जीके दिखायेगे।
तलवार की धार पे तेरी कृपा से, बिन कटे प्रभु चलके दिखायेगे।
कितना भी राह में आयेगे रोड़े, गाते हुये अमरपथ पे चलते जायेगे।
दिल में धुनं होगी तेरे प्रेम की, राह में प्रेम गीत छेड़ते जायेगे।
सब कुछ सौंप देंगे तुझको प्रियतम, मस्ती से भरा जीवन जीते जायेंगे।
कहे चाहे कोई कुछ भी, हम तो तेरे कैसे भी करके बनके दिखायेगे।
लाग लपेटों के बीच में प्रियतम् निर्मल प्रेममय जीवन जीके दिखायेगे।
होता रहे चाहे कुछ, रब दिन रात तेरे प्रेम रस को पीते जायेगे।


- डॉ.संतोष सिंह