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Hymn No. 2065 | Date: 08-Nov-2000
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जो तू कहेगा वो अंतिम सत्य है मेरे वास्ते।
जो तू कहेगा वो अंतिम सत्य है मेरे वास्ते।
बिना मूड़े चलता रहुंगा, चाहे बंद हो सारे रास्ते।
तेरा कहा करने में डूबा रहुंगा, परवाह ना होगी फल की।
तेरे भावो के सिवाय और कुछ की दाल ना गलने दूंगा।
हाल हो जो भी मेरा ना कम होने दूंगा प्यार की मस्ती को।
चरम करम करके पहुँचुंगा परम तेरे पास मैं।
दास ये दुनिया में रहके दुनिया का नहीं हूँ, हूँ तो बस तेरा।
कितना भी अलग होऊँ, तेरे बिना अस्तित्व नहीं मेरा।
गंवारा है हर हालात अगर हो तेरा मुझको सहारा।
तुझको निहारना है सब कुछ मेरे वास्ते, इसे प्रेम समझ या पूजा।


- डॉ.संतोष सिंह