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Hymn No. 2069 | Date: 12-Nov-2000
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नैनो में उभर आते है अश्क याद आते ही तेरी।
नैनो में उभर आते है अश्क याद आते ही तेरी।
रोके – रूक नहीं पाता हूँ बह उठते है कही भी।
धक् धक् करने लगता है दिल तुझसे मिलते ही।
खिल उठती है कमलवत् मुस्कान मुखमंडल पे।
अनायास मन में भाव उमड़ पड़ते है न जाने कितने प्यार के।
ताकते – ताकते तेरी ओर, खो जाता हूँ कही और।
याद आने पर याद आता नहीं तेरे सिवाय कुछ और।
जी करता है ना कभी हो खत्म प्यार का ये दौर।
जोर में कही कमी है मेरे करवा ले पूरी तू आज वो।
मंजूर है चिता की सेज पे चढना तुझसे मिलन के वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह