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Hymn No. 2071 | Date: 13-Nov-2000
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कितनी भी बड़ी बात हो, जब तक तेरी बात ना हो तो है वो बेबात।
कितनी भी बड़ी बात हो, जब तक तेरी बात ना हो तो है वो बेबात।
कितनी भी हसीन शाम हो, जब तक तेरा ना हो साथ तो वो बकवास है।
कितना भी सुंदर दिल हो, जब तक ना हो उसमे तेरा वास तो वो है व्यर्थ।
कितना भी सूक्षम जीव नही, अब तेरे रंग में ना रंगा हो तो वो है बेमतलब।
कितना भी अच्छा कर ले कर्म, जब तक ना किया अर्पित तुझे तो उसको पडेगा भार।
कितना भी सच्चा मन हो, जब तक स्थिर ना हो तुझमे तो वो रहेगा अस्थिर।
कितना भी कर ले पूजा, जब तक ना लाये खींच करीब तुझे तब तक है पूजा अधूरा।
कितना भी कर ले प्रयास, जब तक ना होगी सच्ची श्रध्दा तब तक मिटेगी ना दूरी।
कितना भी कर ले भक्ति, जब तक ना होगी कृपा तेरी तब तक ना होगा साकार।
कितना भी कर ले सीनाजोरी, जब तक ना होगा तुझसे सच्चा प्रेम तब तक भरम में रहेगे।


- डॉ.संतोष सिंह