VIEW HYMN

Hymn No. 2075 | Date: 15-Nov-2000
Text Size
बढ़ाते जाना तू मेरी तड़प इतनी, तड़प देखके तड़प उठे तू।
बढ़ाते जाना तू मेरी तड़प इतनी, तड़प देखके तड़प उठे तू।
दिल को कर देना बेचैन इतना, हो जाये मजबूर आने को तू।
मन को खींच ले तेरे पास, हर पल रहना पड़े करीब तुझे उसके।
अदाओं में मेरे ला दे, निखार इतना, जो ले जाये चुरा तेरे दिल को।
निगाहो से मेरे टपका तू प्यार इतना, जो डुबों दूँ तूझे प्यार में अपने।
अनवरत तू भेजना अपने ख्वाब मेरे पास, हकीकत में हो जाये गुलजार।
झड़प करना पड़े तो करू तेरे संग, हार हो या जीत रंग जाऊँ रंग में तेरे।
बैंखोफ भर दे तू इतना, जीवन के हर पहलू में निडर होके करूं प्यार तुझे।
मेरे मंसुबों को दे दे हवा जो है तेरे वास्ते, भड़क के चूम ले तेरे लबों को।
आह भी निकले वाह करते हुये, अंतहीन राह का छोर मिले तेरे दर पे।


- डॉ.संतोष सिंह