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Hymn No. 2074 | Date: 14-Nov-2000
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अंत ना होती है कोई भी कहानी, अगर जो जुड़ा हो तुझसे।
अंत ना होती है कोई भी कहानी, अगर जो जुड़ा हो तुझसे।

अंतर में रहे चाहे किस्सा कैसा भी, पर आये मजा जब सुनाये तू।

बदल जाती है जीवन की दशा, जब फूटती है तेरे प्यार की रश्मियाँ ।

निशा भी सिमटते है पलों में, जब छेड़ता है तू राग प्यार का।

सचमुच तेरा अंदाज है सबसे निराला, जग में है तू सबसे आला।

तरसते अधरों पे खिल उठती है मुस्कान जो पीते है तेरे प्यार का प्याला।

सुरूर छाता है मस्ती का, निगाहो से निगाहें मिलते जनुन आ जाता है।

रह नहीं पाता आपे में, जब अहसास होता है तेरे संग का।

रंगत बदल जाती है मेरे चेहरे की, जब नजर आ जाता है तू।

विश्वास कर या न कर तेरे पास रहते हुये हो जाना चाहता हूँ तेरा।


- डॉ.संतोष सिंह