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Hymn No. 2073 | Date: 14-Nov-2000
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मेरे दिल में क्या है मुझे ना है पता, पर वो करता है प्यार तुझसे।
मेरे दिल में क्या है मुझे ना है पता, पर वो करता है प्यार तुझसे।
क्यों हो रही है देर बताने में जब - जब बताने जाऊँ तू कराता है इंतजार।
बेमानी हो सकती है मेरी बातें, पर अकसर खो जाता हूँ ख्वाबों में तेरे।
महसूस करता होगा तू मेरे प्यार को जरूर, पर कैसे दर्शाता है इतंना बेरूखीपन।
होगी चाहे तुझे लाख गिला हमसे, पर माने या न माने इस बेंजान की है जान तू।
विश्वास कैसा है मेरा मैं नहीं जानता, पर जब भी मिलता है मौका मन दौड़े तेरी ओर।
पल्ला झाड़ सकता है तू अचानक किसी कर्म का वास्ता देके, पर मेरी दास्ताँ के पन्नों से तू मिट नहीं सकता।
पैंरो में पडी हो कैंसी भी बेड़ियाँ, जिनका कोई मायने ना हूँ तेरे वास्ते फिर भी चलना चाहूँ तेरे रास्ते।
दागदार है मेरा दामन कितना भी, पर मेरा प्यार है बेदाग तेरे वास्ते जिसे संजोए हूँ न जाने कब से।
रब करीब आ गया हूँ अपनी हरकतों से, सुकुन पाना चाहता हूँ तेरे पास रहके।


- डॉ.संतोष सिंह