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Hymn No. 2079 | Date: 18-Nov-2000
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मेरे दिलबर की बात है अलग, रहके सबके संग है वो सबसे अलग।
मेरे दिलबर की बात है अलग, रहके सबके संग है वो सबसे अलग।
इक बार जो नजर आ जाये, तो नजरअंदाज करना है मुश्किल उसकी।
बड़ी सी बड़ी बात को कहता है साधारण शब्दों में जो उतर जाये है दिल में।
बयां करना मुश्किल होता है उसके कहने करने का अंदाज इतना निराला है।
हर क्षेत्र में होगे एक से एक आला, पर वो तो आला होके है दिलवाला।
जो इक् बार को मिल ले उससे, मिलने को तड़पे वो बार बार।
ना देता वो दोष किसीको, उसके रहने पे रहता कहाँ है होश किसीको।
भर जाता है दिल प्यार से, कर जाती है आंखो के कोर को गीली।
डर जाता हूँ सोचके ईश्वर कभी नजर ना लगे उसको उससे पहले छीन लेना ज्योत तू मेरी।
कंपकपांत हूँ कुछ निश्चित कुछ कहने से, हर बार कही उससे ऊपर पाता हूँ।


- डॉ.संतोष सिंह