Hymn No. 204 | Date: 10-Jul-1998
छूट जायेगे, छूट जायेगे, छूट जायेगे एक दिन हम इस भवबंधन से छूट जायेगे ।
छूट जायेगे, छूट जायेगे, छूट जायेगे एक दिन हम इस भवबंधन से छूट जायेगे । रह जायेगे, रह जायेगे, रह जायेगे जो जोड ना सका खुद को तुझसे वो इस भवबंधन में रह जायेगे पा लेंगे, पा लेंगे, पा लेंगे हम तुझको अपने मन में बसाके सदा के लिये तुझको पा लेंगे । खो देंगे, खो देंगे, खो देंगे जो दे देंगे, धोखा खुदाको और तुझको वो खो देंगे । मिल जायेगा, मिल जायेगा, मिल जायेगा उनको तू जो अपना दिल तुझको दे देंगे उनको तू मिल जायेगा। बस जायेगा, बस जायेगा, बस जायेगा जो अपने आप को तेरी सेवा में रखेगा उनके अंदर तू बस जायेगा। बरबाद हो जायेगा, बरबाद हो जायेगा वो हर कोई जो छोडके तुझको इस जग में बसना चाहेगा के बरबाद हो जायेगा। पहुँच जायेगा, पहुँच जायेगा, पहुँच जायेगा जो अपने आप को तुझको सौंप देगा पूर्णत तेरे पास वो पहुँच जायेगा। ना पहुँचेगा, ना पहुँचेगा, ना पहुँचेगा, जो अपने पराये का भेद करेगा वो तेरे करीब ना पहुँचेगा।
- डॉ.संतोष सिंह
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