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Hymn No. 2085 | Date: 25-Nov-2000
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जो भी बात निकले मुख से, निकले दिल से मेरे प्रभु।
जो भी बात निकले मुख से, निकले दिल से मेरे प्रभु।
अनायास हो तो कोई बात नहीं, पर छाप हो तेरे दिल की।
पल भर को विमुख ना होने पाऊँ मुझसे ऐसी दे दे कोई याद।
हर मुलाकात का मारा रहूं, तेरे प्यार पे वारा जाऊँ।
सौगात देने की कोई औकात, नहीं फिर चौंका दू कुछ ऐसा करके।
वो बात दिगर है कमजोर है मेरा जिगर फिर भी ना करुँ फिकर।
हो जाये भले कुद मुझे कसम है होने ना देना प्यार को मेरे कुछ।
उकसाये रखना तेरा प्यार बरसाके, मेरे जोश को ना होने देना कम।
गम होगा कितना बड़ा सह जाऊँगा, निकल जायेगा दम तेरे बिना।
अश्कों से कोई मुझे रश्क नहीं, पर तेरे बिना मायुस होगी जिंदगी।


- डॉ.संतोष सिंह