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Hymn No. 2087 | Date: 29-Nov-2000
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बना दे, बना दे, बना दे प्रभु मुझे लायक तेरे।
बना दे, बना दे, बना दे प्रभु मुझे लायक तेरे।
जीना सिखा दे, सिखा दे, सिखा दे प्रभु मुझे अंदाज में तेरे।
योग्यता नहीं है तो योग बना दे प्रभु मुझे तेरे वास्ते।
कर दे शुध्द विचारों को मेरे, जिनसे डूबूँ ख्यालों में तेरे।
कर दे शुध्द मन को मेरे, लगाऊँगा चक्कर दर का तेरे।
बड़ा अजीब हूँ, गुणों के मामले में बहुत ही गरीब हूँ।
तेरा मुरीद बनके तिरते रहना चाहता हूँ गीतों में ढलके।
समरस हो जाये बुध्दि मेरी, अवगढ़ता से भरा हो चाहे जीवन।
बन जा तू मेरी हर चाहना, देखना न पड़े कभी तेरी राह।


- डॉ.संतोष सिंह