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Hymn No. 2095 | Date: 08-Dec-2000
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सा रे ग म प द नि सारी है मेरे दिल की आवाज ।
सा रे ग म प द नि सारी है मेरे दिल की आवाज ।
साज सजाऊँ अपना, सेज चढ़के दर पे आऊँ तेरे।
रोक न पाये कोई मिलन से, हो जाऊँ सूक्ष्म से सूक्ष्मतर।
गूंज उठे गीत चहुँ दिशाओं में, बच न पाये कोई दिल इससे।
मरण हो ऐसा मेरे तन का, मिलन से कोई रोक न पाये।
बाजें पायल पैरों की छम - छमा छम छम डूब जाये हर मन।
दम निकलते हुये न हो कोई गम, रम जाये हम इतना तुझमें।
जीवन निशा से पहले हो जाये मुलाकात, बेआबरू होके निकला तेरे वास्ते।
चढ़े तेरे प्यार का ऐशा नशा गा उठे मेरे साथ साथ सारा समां।
सा रे ग म प द नि सारी है मेरे दिल की आवाज।
आज नहीं तो कल होना है हर दिल का यही हाल।


- डॉ.संतोष सिंह