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Hymn No. 2106 | Date: 24-Dec-2000
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आज तुझे बताना होगा मैं किससे कहूँ अपने दिल की बात।
आज तुझे बताना होगा मैं किससे कहूँ अपने दिल की बात।
मुझे पता है मेरी बाते दुखाती है दिल को, मचाती है हरकते चिढ।
अंदेशा रहता तो न करता कुछ ऐसा, भाँप क्यूँ नहीं जाता तेरे दिल की बात।
गोया पहले से ठप्पा लगा है नामाकूल होने का, जमाने के बाद हाल न बदलूँ।
छू जाती है मेरी कई बाते, पिता मेरे कारण से न होना तू दुःखी।
दूध से माखी का न कोई मेल है खराब करूं उससे पहले करना तू दूर।
रहे न कभी मेरी जरूरत, हो तो बेंहिचक खत्म करना तू उसे।
अच्छो के आगे बन उदाहरण बुराई का, लड़ाई तो मेरी अपने आप से है।
दागदार रहा है दामन मेरा, उसकी छाप ना पड़े किसी और पे।
छीनना तू सब कुछ खुशी से, पर मेरी यादों को न छीनना कभी।


- डॉ.संतोष सिंह