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Hymn No. 2111 | Date: 27-Dec-2000
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जानम इतना न समझाया करो, समझा समझाके देते हो टाल तुम।
जानम इतना न समझाया करो, समझा समझाके देते हो टाल तुम।
लूटने आया था, लूटने न दिया तो कम से कम लूट लिया होता तू हमको।
गहरी से गहरी बात हो हमारे मन में, मुस्कराके उड़ा देते हो हवा में तुम।
कैसे बताऊँ कहना चाहता हूँ क्या न कुछ, चाहे मतलब न हो तुम्हारे वास्ते।
चैन नहीं मिलता मिलने के बाद फिर से मिलने की राह देख सुबहो शाम।
ये दिल्लगी तुम ही कर सकते हो, जो ये बेदिल वाला न हो तो बेकार रहके तेरे पास।
परवान चढ़ाया तूने कितनो के प्यार को, क्यूँ मुश्किलात पेश आ रही प्यार को लेके हमारे।
अबकी बार न बनाना तू कोई बात, इस बेजात को दे दे तेरी पहचान।
कहने को न करना तू कोई संकोच, जो भी सुने झुक जाये सूर तेरी शान में।
कसीदे पढ़े जायेंगे तेरे प्यार को लेके, पढने वाले भी तेरे प्यार से पायेंगे इस अंजाम को।


- डॉ.संतोष सिंह