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Hymn No. 2136 | Date: 17-Jan-2001
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कहिये कुछ हमारे वास्ते, बेकरार हैं दिल कुछ सुनने के वास्ते।
कहिये कुछ हमारे वास्ते, बेकरार हैं दिल कुछ सुनने के वास्ते।
यहाँ वहाँ की कुछ सुनाके टरका ना देना, आया हूँ बड़ी आस लेके।
दिल खोल के रख न पाया, फिर भी सुनते सुनते मिट जाये सारे भेद।
इंतजार की घड़ियाँ खत्म होने की राह देखू, फाके में भी आती है मस्ती।
लोगो का हंसना लगने लगा अपना, सपनों को तार तार होते देखके मन नही टूटता।
बचके रहना यारो पाला पडा है मसखरे से, गम को भी मजाक समझता है वो।
रूठता नही वो अब किसी से, कोई कितना भी करे चाहे मान मर्दन।
तरस खाते है लोग, फिर भी नजरे मिला नहीं पाते इस झूठे से।
दिल बड़ा है या है ही नहीं, चिंता तो है एक ही बात की तेरे प्यार के लायक मैं क्यूँ नहीं।
मोक्ष लेके क्या करूँगा, मुझे तो नरक भी है मजूर, हो वहाँ ही तेरी बेपनाह मोहब्बत जरूर।


- डॉ.संतोष सिंह