My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2152 | Date: 02-Feb-2001
Text Size
मेरी आंखे चौंघीयाँ जाये देखके तेरे मायावी संसार को।
मेरी आंखे चौंघीयाँ जाये देखके तेरे मायावी संसार को।
कितना भी रह लू करीब किसीके समझ न पाऊँ वर्तन को।
तुने न कोई कमी की देने में, तो कैसे बन गया खान कमियों का।
भान रहते बेभान रहा, जिंदगी को बेजान सा धोता चला गया।
उबरना चाहता हूँ इन सबसे, बसेरा पाना चाहता हूँ पास तेरे।
आस टूटी नहीं काश का रोना रोने नही चाहता तेरे पास रहते।
आहत कई बार हुआ अब निजात पाना चाहूँ फजी हतो से।
हर कदम पे मजबूर हूँ भटकने को, फिर भी रूकना चाहूँ पास तेरे।
मिथ्या प्रलाप किये बिना कर दिखाना चाहूँ तेरे नाम पे जो चाहे तू।
हारा जरूर हूँ पर हार माना नहीं, बेंअसर है जिंदगी में हर गम।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
मत करो कुछ ऐसा, हो जाये मुश्किल जीना हमारा।
Next
सजाऊँ तेरे रूप को ऐसा, सजाते सजाते खो दूँ सुध बुध अपनी।
*
*