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Hymn No. 2156 | Date: 09-Feb-2001
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बाते हो बार बार, मुलाकाते हो हजारों हजार, चलता रहे सिलसिला प्यार का अनवरत।
बाते हो बार बार, मुलाकाते हो हजारों हजार, चलता रहे सिलसिला प्यार का अनवरत।

हमसफर रहे तू हमारा, निगाहो में निगाहे डालके पिलाते रहे जाम प्यार का ।

नजर न लगे जमाने की, बेखबरी ऐसी छाये अगर मौत आये तो अचकचा जाये।

बिन मौसम के अविरल बरसे नैना, श्रध्दा के बादल उमड़ घुमड़े चितवन में।

आनंद की लहर दौड़ पड़े रोम रोम में, जैसे सावन के आने पे झूमे धरती मैय्या।

देख देखके तुझे मन ही मन सजोता रहूं ख्वाब, बिना किसी लाग लपेटे के तेरे करीब होता रहूं।

मन मे रह न जाये कोई मुरीद, देके तू प्यार अपना इस नामुरीद को ले ले खरीद।

माना बेशकीमती है तेरा प्यार, न है कीमत मेरी दो कौड़ी की, पर लगा जो ठप्पा तेरे नाम का, तो हो जाऊँगा तेरा।

वास्ता है तुझे तेरा तेरी राह में न जाने कितने जनम गुजारे, अबकी बार खाली हाथ न जाना है हमको।

मेरा तो सदियों से जुड़ा है सब कुछ तुझसे, तू ही बता कौन लगायेगा प्यार मुझको।


- डॉ.संतोष सिंह