My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2165 | Date: 16-Feb-2001
Text Size
खुदा की खिदमत में जाते है, खुदा की रहमत से।
खुदा की खिदमत में जाते है, खुदा की रहमत से।
खिदमत क्या करते है बस आफत ही होते है खुदा के वास्ते।
बानगी देखिये उसकी, करता नहीं कोई कमी खानगी में।
दे देते है दोष अक्सर, जब रह जाती है कमी कोई खुद में।
चल पड़ता है दौर शिकवाईयों का नजरअंदाज करके रहमतों को।
अपना किया हुआँ भुलाके, उठाते है उंगली हालातों की ओर।
आन, बान, शान छोड़े बिना बनना चाहते है खाकसार।
शर्मशार होते नही अपने किये हुये पे, देखते है औरो को।
निकले थे नूर बनने आँखो के तेरी, इम्तहां के आने पे हो गये चकनाचूर।
पार पा नहीं सके, तोहमत लगाते बैठे है खुदा और जमाने पे।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
किसको दोष दूं, क्यूँ दोष दूं समझ नहीं आये।
Next
प्रभु कर दो कुछ ऐसा, बन जाऊँ जीते जी दिल की धड़कन तेरी।
*
*