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Hymn No. 2166 | Date: 16-Feb-2001
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प्रभु कर दो कुछ ऐसा, बन जाऊँ जीते जी दिल की धड़कन तेरी।
प्रभु कर दो कुछ ऐसा, बन जाऊँ जीते जी दिल की धड़कन तेरी।
बड़ी बात होगी जो बदल दे तू मेरे जीवन को नगमों में तेरे।
औकात नहीं फिर भी समीर बनके लिपट जाऊँ गले से तेरे।
कहने और करके दिखाने में है मुश्किल, खाकसार खाक बनके चूम ले कदमों को तेरे।
बातें है बहुत फिर भी पपीहा बनके चहकूं चौंखट पे तेरी।
लानत हो दुनिया भरकी मुझपे, पर तेरी सलामती के वास्ते लुटाऊँ हर खुशी।
झूठे ही सही अगर अश्क बहे तो पखारूँ चरणों को तेरे।
यार कोई बड़ी बात नहीं, मेरी बली चढ़ाई जाये तेरे आगे लाखों लाख बार।
सपना ही सही पर कसम से, अपने दुखों से दुःखी करना नहीं चाहता तुझे।
नामुरादी में बहुत चाहा दूर हो जाना तुझसे, पर तुझको भुलाना न चाहा।


- डॉ.संतोष सिंह