VIEW HYMN

Hymn No. 2171 | Date: 19-Feb-2001
Text Size
जोश है हममें इतना, तेरी न को हाँ में बदलने का।
जोश है हममें इतना, तेरी न को हाँ में बदलने का।
दोष है न जाने कितने, फिर भी टेकेंगे नहीं घुटने।
प्यार किया है तुझसे, रस्मे निभाने से न चुकेंगे कभी।
परदा नशीन है तेरी खूबसूरती, बेपरदा किये बिना न रहेगे।
दामन में है लाख कांटे, चुभने न देंगे अब तेरे हाथों में।
कितना भी न होगा तू, करेंगे मजबूर साथ होने के लिये।
दाग होगा हमारे दामन पे पर लगने न देंगे तेरे दामन पे।
ऐतराज करूंगा हर उस बात से जिससे ऐतराज होगा तुझे।
किया न है कुछ फिर भी मालिक तूने दिया है बात कुछ।
किसी भी कारण से आने न दूंगा आंच तेरे मेरे रिश्ते पे।


- डॉ.संतोष सिंह