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Hymn No. 2179 | Date: 20-Feb-2001
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चल रहा है तो चलने दो, आज के आज पहुँचेंगे किसी भी हाल में।
चल रहा है तो चलने दो, आज के आज पहुँचेंगे किसी भी हाल में।
जो बात बनती नहीं तो बिगड़ने न दो, ढल जायेगी किसी न किसी सुर में।
हारे हुये के पास हारने के लिये रहता नहीं कुछ, जीत तो उसकी होती है पक्की।
नक्की नहीं तो क्या से, न तो नही, जो न नहीं तो हो सकती है हाँ कभी भी।
कभी आता नहीं ऐसा तो ना है पर अभी के लिये रहना पड़ता है तैयार।
तैयारी तो चलती है हर पल, पल भर गंवाये बिना रहना पड़ता है सजग।
सजग कभी कोई चुकता नहीं, वो तो बेमौके को बदल देता है मौके में।
मौके का फायदा उठाना कोई बुरी बात नहीं, और उसके लिये तो है सब कुछ खरी बाते।
बातों को कोई मतलब नहीं उसके लिये दूरी बदल जाये न जाने कब नजदिकीता में।
नजदीक रहने पे आता नहीं वो हाथ वो जब चाहे हो जाता है साथ में।


- डॉ.संतोष सिंह