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Hymn No. 2181 | Date: 20-Feb-2001
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ये टोको ना मुझे, रोको ना मुझे, जीने दो हर श्वास के साथ मेरे प्यार को।
ये टोको ना मुझे, रोको ना मुझे, जीने दो हर श्वास के साथ मेरे प्यार को।
हो सकता हूँ कितना भी गलत जिंदगी में, पर करता हूँ बंदगी दिल से उसकी।
जो आज कमियाँ हैं मिट जायेगी, प्यार में श्रध्दा के आसुओं में डुबकें।
एतराज तुम्हारा तुम तक रखो, मुझे तो करने दो प्यार जी भरके उससे।
होगा आखीरकार मेरा तरीका, पर मुझे तो है स्वीकार चाहे जितना भुगतना पड़े।
दाजी नही रखता भले प्यार में, पर करता हूँ अलग अंदाज में प्यार को प्यार अपने स्वामी
मिट जायेगी सब कुछ रमने पे, जो आज दूर की है कौड़ी वो होगी मेरे पास।
तमाशा कोई नही खड़ा करना चाहता, पर बन रहा हूं तमाशा प्यार में तो कोई एतराज नहीं।
मौका न जाने कितने सदियों से ना मिला था, पर इस मौके को ना चूकने दे अब।
तुझसे लगाता हूँ गुहार, अगर कोई कसर रह गयी हो अधुरी तो कर दे पूरी आज ।


- डॉ.संतोष सिंह