Hymn No. 2190 | Date: 24-Feb-2001
पधारो, पधारो, पधारो मेरे द्वार, वाट जोहत तरसत हूँ दिल हमारो पधारो
पधारो, पधारो, पधारो मेरे द्वार, वाट जोहत तरसत हूँ दिल हमारो पधारो योग्यता न हो तो कृपा करो, सींच दो दिल को प्रेम रस से, पधारो... क्या लागत हो तुम हमारो, जानत नाहीं, न याद आवें कुछ पीछे का, पधारो... भींच के रख लो सीने से तुम्हारे, मिट जाये मन की तड़प सारी, पधारो... बिसर नहीं पावत, बिसरना नहीं चाहत, ख्याल ख्वाब एक से है लागत, पधारो... गुजरे आँखों के सामने जमाना, गुजर न ही कर पावत तुम्हारे बिना, पधारो... सूखे हुये अधरों पे टपका दो प्यार भरे शबनम की बूंदों को, पधारों... चैन चला जावे, बरस पड़त है नैन, कैसे रह गयो बिन तोहरे, पधारो... मायने न है मोरा दर्द तोरे वास्ते, तो दे दे और दर्द ओ। बेदर्द, पधारों... दर्द देना तू इतना जो कर दे मजबूर पधारने वास्ते तोहे, पधारो...
- डॉ.संतोष सिंह
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