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Hymn No. 2426 | Date: 24-Aug-2001
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जब प्रभु की बात होगी, तब प्रभु की बात होगी।
जब प्रभु की बात होगी, तब प्रभु की बात होगी।
चाहे दिन हो या रात प्रभु के सिवाय ओर कोई बात ना होगी।
तन हो या मन खोया रहेगा प्रभु के ख्यालों में।
न जाने कितने सवालों का जवाब मिल जायेगा दिल ही दिल में।
शांत हृद्य से जो फूटेंगी, प्रेम की धारा।
जो दीदार करायेगी प्रभु का यहाँ, वहाँ, जहाँ, तहाँ।
शोर ना होगा किसी बात का, जो जोर होगा प्रभु प्यार का।
दौर पे दौर चलता रहेगा प्रभु प्यार का, जो जोर चलता रहेगा प्रभु प्यार का।
कोई कसम ना होगी, ना कोई वादा, ना कोई प्रभु प्रेम का दावा।
एकछत्र प्रभु के प्रेम का साम्राज्य होगा, उसके सिवाय किसीका राज्य न होगा।


- डॉ.संतोष सिंह