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Hymn No. 2436 | Date: 06-Sep-2001
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छोड़के जो तू चला जायेगा, तो भी हम न छोड़ने देगे तुझको।
छोड़के जो तू चला जायेगा, तो भी हम न छोड़ने देगे तुझको।
हर कदम पे पैया पडूंगा तेरी, हर कदम पे मनुहार करुँगा तेरी।
तेरे सारे ताप को सह लूंगा नजर नीचे कर, करुँगा बखान कृपा की तेरी।
जमाने भरके ठुकराये हुये, दिया है आसरा दूर पे तूने अपने।
गैरत न थी थोड़ी सी भी हममें, फिर भी लगाया गले से तूने अपने।
रच डालूं कितना भी बड़ा महाकाव्य, पर करन सकूंगा तेरे प्रेम का बखांन।
किस्मत में कुछ ओर था, तेरे प्यार के जोर से सब कुछ बदला।
इक् बार बदल दे तू मेरे मन को, मनमानी छोड़के हो जाऊँ मन से तेरा।
भहुत भटका अटका कई जगह, पर चैन न आया दिल को।
अब हो जाये कुछ भी, ओ .. दया के सागर दूर तू मुझकोन होने देना।


- डॉ.संतोष सिंह