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Hymn No. 2450 | Date: 24-Sep-2001
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तोड़ दे, तोड़ दे, मेरे मन की जंजीर तोड़ दे
तोड़ दे, तोड़ दे, मेरे मन की जंजीर तोड़ दे

जोड़ ले, जोड़ ले, मेरे दिल को तेरे दिल से जोड़ ले।
मोड़ दे, मोड़ दे मेरे सॉरी इच्छाओं का मुख मोड़ दें।

शमन कर दे, कर दे, मेरी सारी कामनाओं का शमन तू कर दे।
बदल दे, बदल दे मेरे ख्वाबों को यथार्थ में बदल दे।

भर दे, भर दे पुरूषार्थ को कूट कूटके मुझमें भर दे।
ले ले, ले ले छत्रछाया में तेरी सदा के वास्ते तू ले ले।

कुछ भी करके, कुछ भी करके हो जाने दे प्रभु मुझको तेरा कुछ भी काम
पार पा लेने दे, प्यार पा लेने दे, मुझको तेरी माया से पार पा लेने दे।

डुबो दे, डुबो दे तेरे अनंत प्यार के सागर में मूझको डूबो दे।


- डॉ.संतोष सिंह