VIEW HYMN

Hymn No. 2473 | Date: 12-Oct-2001
Text Size
जब मेरे दिल में बसे हो तुम तो, कैसे आ सकता है कोई और।
जब मेरे दिल में बसे हो तुम तो, कैसे आ सकता है कोई और।
जब दुनिया में तुम हो चारों ओर, तो कैसे हो सकता है दूजा कोई और।
नामुमकिन है तेरी रजा के बिन कुछ होना, तो क्यो किसी को कोई दोष देना।
खेल है सब अगर करमों को तो भाग्य का क्यों रोना रोना।
दिया है जो कुछ तूने, उसके लिये क्यों ना तेरा धन्यवाद देना।
बहुत कुछ अच्छा हो सकता है तो, बहुत कुछ बूरा तूने ना होने दिया।
इलजामों की उलाहना देने से अच्छा है, दिये हुये को धन्यवाद देना।
तेरी महिमा से हुआ है सब कुछ तो, तेरी कृपा से होगा सब कुछ।
कल पे तुने ना कुछ टाला है, हमने पुरूषार्थ को कल पे टाल रखा है।
नयनो पे माया की पट्टी बांधे, भगवान के घर देर है अंधेर का शोर मचा रखा है।


- डॉ.संतोष सिंह