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My Divine Blessing
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Hymn No. 2486 | Date: 04-Nov-2001
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तेरी नजरों पे एतबार ना रहा हमको, जो सरेआम करती है वार हमपे।
तेरी नजरों पे एतबार ना रहा हमको, जो सरेआम करती है वार हमपे।
अरे लाख चाहा भूल जाना तुझको, उतना ही खीच लाये गीत तेरे हमको।
कभी रहा चुपचाप गुमसूम सा अपने आप में, उतना ही किया कहने को मजबूर तूने।
तरसाया न जाने कितनी बार, तरसते दिल की प्यास ना बुझाके ओर उसे तड़पाया।
ताना-बाना न जाने कैसा-कैसा बना, जितना निकलना चाहा उतना ही फंसता गया।
बातों ही बातों में प्यार की दुनिया के सतरंगी सपने दिखाता रहा।
चाहा कितना भी वख्त आने से पहले ना दिया अंजाम चाहतों को।
कभी लगता है समझ गये सब कुछ, उसी पल खड़ा किया नासंमझो की कतार में।
देना या ना देना सौपता हूँ तेरे हाथों में, पर अंतर की आस को तोड़ना ना कभी
हो जाये कुछ मेरी जिंदगी में समझा लूंगा, पर विश्वास की कतार में खड़ा रखना अडिग।
- डॉ.संतोष सिंह
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जलना चाहता हूँ प्यार में तेरे अखंड दीप बनके।
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