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Hymn No. 2490 | Date: 12-Nov-2001
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भरता है तू हमारे ख्वाबों में, रातों को नींद चुराके अहसास दिलाये तेरे प्यार का।
भरता है तू हमारे ख्वाबों में, रातों को नींद चुराके अहसास दिलाये तेरे प्यार का।
डगमगाती नैया को तू लगाये पार अपने हाथों से, जीवन के मझधार में।
बातों ही बातों में कर्मठता का पाठ पढ़ाये, ओर तुझे पाने का राज बताये।
कठिनाइयों से भरे पथ पे चलने का अंदाज तू बतलाये, चुपचाप जीना तू सिखाता
चुपचाप रहते जो आते हैं दर पे तेरे उनकी खाली झोली को भरता है तू।
न जाने क्या से क्या करता है, पर कानोंकान खबर न होने देता है किसी को।
तेरा जलवा का क्या कहना, जिसने लुफ्त उठाया इक् बार को उसका मन न लगा दुनिया में।
तेरी दानत है इतनी जो हम चाहे पर मांगने से अचकचोय वो भी देता है बिना मांगे।
कमीं न कि हमने भी तेरे दिल पे चोट पहुंचाने से, फिर भी तूने सींचा प्यार से अपने।
कितना भी करुँ शुक्रियाँ अदा तेरा, कर नही सकता पल भर की कृपा जो है तेरी इतनी।


- डॉ.संतोष सिंह