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My Divine Blessing
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Hymn No. 2493 | Date: 17-Nov-2001
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राह है अनजान, फिर भी निकले हैं लेके अपनी जान।
राह है अनजान, फिर भी निकले हैं लेके अपनी जान।
आये कितनी भी मुश्किल पार कर जाऊँगा हर हालात में।
यूं ही न जाने दूंगा मौकों को, अचूक बनके दिखाऊँगा।
मशक्कत करनी पड़े चाहे कितनी भी, सपनो को पूरा कर दिखाऊँगा।
उँगली उठाने की बात छोड़ो, लोग देंगे मिसाल इस नाम की।
तपूंगा प्यार के तप में जितना, उतना ही निखर के आऊँगा।
कल की बात को आज अभी में बदलके तेरा कहा कर जाऊँगा।
नजर बचाते है जो आज उनको भी तड़पाके दिखाऊँगा।
खेल है ये सब वख्त का, वख्त को भी बदलके दिखाऊँगा।
गिड़गिड़के नहीं पर मजबूर करके तुझे प्यार करता जाऊँगा।
- डॉ.संतोष सिंह
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प्यार की आग लगी जो दिल में तो, वहाँ हम ही हम थे जलने वालों में।
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चल पड़ा, चल पड़ा, प्यार के जोर से दिल मेरा चल पड़ा।
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