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Hymn No. 2508 | Date: 04-Dec-2001
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प्रभु मत देखो कि शर्म आ जाये हमको अपने ऊपर।
प्रभु मत देखो कि शर्म आ जाये हमको अपने ऊपर।
रुसवाई तेरी न है यूं ही, पर समय रहते होश में आ गये हम।
कसम से न जाने दूंगा तेरे पल भर के प्यार को बेकार।
करुँगा पूरा तेरे सपनो को अपने अदम्य पुरूषार्थ से।
समय रहते कोई मौका चूके बिना करुँगा पूरा तेरे कार्य को।
बहुत जी लिया बेसुधी में, अब हर पल गुजारूंगा तेरे सजदा में।
आये चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ, बढ़ता रहूँगा पल पल तेरी ओर मैं।
तेरे नाम में लगाऊँगा चार चाँद, भक्ति के नये आयाम गढ़ते हुये।
करुँगा तुझसे प्यार इतना बन जायेगा मेरा नाम प्यार का पर्याय।
मौका न दूंगा अब कोई ओर, जोर लगा दूंगा इसी पल से तेरे वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह