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Hymn No. 2540 | Date: 19-Jan-2001
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गुनगुनाते हुये बोलों को बदल दे गीतों में।
गुनगुनाते हुये बोलों को बदल दे गीतों में।
तरसते दिल पे डाल दे प्यार की बूंदो को।
जन्मों का प्यार है, जो बूझाये न बूझे औरों से।
बहुत नहीं तो इक् बार कर दे दिल पे नजरों से।
जो तुझे अपना न बना सका तो बसा लूंगा दिल में।
ख्वाबों ख्यालों से चुराके उतार लूंगा जिंदगी में।
यूं ही नहीं तेरी मर्जी से बिताऊंगा जिंदगी को।
नाम का जाम पीता जाऊंगा, दिन रात हर हाल में।
परवाह न थी जमाने की, परवाह की है तो तेरी।
तेरी राहों में अपनी सारी खुशियाँ बिछा दूंगा।
हर हाल में तोडूंगा माया के पाश को।
प्यार की बाती को जलाऊँगा, कपूरोओं से भरे दीपों में।
तेरे प्रेम में तरबतर होके नाचूंगा माया के मंच पे।
क्या छोटा, क्या बड़ा बनाऊंगा हर दिल को अपना।
तेरे देखे हुये ख्वाबों को बदल दूंगा हकीकत में।
ओर तो ओर, तेरी बातों को कर दिखाऊंगा जीवन में।


- डॉ.संतोष सिंह