VIEW HYMN

Hymn No. 2560 | Date: 18-Apr-2002
Text Size
कहानी कह रहा हूँ प्यार की, अपने दिल के हाल की।
कहानी कह रहा हूँ प्यार की, अपने दिल के हाल की।
सुन लो प्यार करने वालो, प्यार में होता है हाल क्या।
दिल लगाया था दिलदारों के दिलदार से, हर पल तड़पाया दीदार के लिये।
धुन डाली जिंदगी को उसके पीछे पीछे, प्यार के ख्वाबों को धुनते हुये।
सुनी न उसने हमारी एक भी बात, पकड़ दीया फेरहिस्त हमारे कर्मों की।
जीना पड़ेगा जिंदगी अनुरूप मेरे, मिलने से पहले बदलना पड़ेगा स्व को तेरे।
तू आया है नश्वरता की दुनिया से, होना पड़sगा अजर – अमर मेरे वास्ते।
नही चलेगा थोड़ा-थोड़ा, पूर्णता को प्राप्त किये बिना नही मिलेगी संपूर्णता।
जो आज कहा है वो आज का आज करना पड़sगा, हर हाल में तुझे पूरा करना पड़ेगा।
प्रेम की बात तू करता है तो प्रेम से तुझे श्वासों के रहते बदलना पड़ेगा।


- डॉ.संतोष सिंह