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Hymn No. 2561 | Date: 20-Apr-2002
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उन्होंने कहा आओं, आओ.. आके बस जाओ हृद्य में तुम हमारे।
उन्होंने कहा आओं, आओ.. आके बस जाओ हृद्य में तुम हमारे।
प्यार का नया कोई गीत सुनाके, चुरा ले जाओ दिल को हमारे।
जो कर न सके अब तक हम, वो आके तुम कर जाओ।
श्वासों के रहते, इस दिल को अपनी धुन पे धड़कना सीखा जाओ।
खाली हाथों से आया हूँ तेरे पास, दिल तो भरा है प्यार से तेरे।
तो वख्त दिन का कोई भी, गूँजता रहता है तेरा नाम।
ऐसी क्या कमी है हममें, उसे पूरी करके पूरा कर जाओं मांग मेरी।
सौगात में जो चाहे तुम ले जाओ, न हो तो अर्पण करने योग्य बना जाओ।
कुछ भी करके दिल से निकली हर बात को तुम पूरी करवा जाओ।
सदियों से बिछुड़े हुये को तुम अपना बना जाओ आओ, आओ..।


- डॉ.संतोष सिंह