Hymn No. 2574 | Date: 22-May-2002
सीख जाओ, सीख जाओ, खुश रहना जीत जाओगे हैरान जिंदगी को।
सीख जाओ, सीख जाओ, खुश रहना जीत जाओगे हैरान जिंदगी को। सीख जाओ, सीख जाओ, दिल ही दिल में प्रभु से बतियाते रहना, जान जाओगे प्रभु के बुलाए। सीख जाओ, सीख जाओ, भावों में बहते मन की हर बात प्रभु को कहना, जीत जाओगे प्रभु को। सीख जाओ, सीख जाओ, किसी की बातों में न आके कुछ करना, मुक्त हो जाओगे पूर्वाग्रहों से। सीख जाओ, सीख जाओ, प्यार के अफसानों को गीतो में ढालना, जान जाओगे प्रभु को रिझाना। सीख जाओ, सीख जाओ, दुश्मनों से हंसते हुये मिलना, नये दोस्त बनाना जान जाओगे। सीख जाओ, सीख जाओ, उचित मौको पे उचित बातों को कहना, पलक झपकते मन माफिक बन जायेगा जमाना। सीख जाओ, सीख जाओ, नम्र होके जिंदगी को जीना, हारेगा आज का आज तुम्हारे आगे सारा जमाना। सीख जाओ, सीख जाओ, हर हाल में मुस्कराना, जीना सीख जाओगे जिंदगी के सार पहलू में। सीख जाओ, सीख जाओ, नित्य प्रभु का सुमिरन करना, मौत न कभी फटकेगी पास तुम्हारे।
- डॉ.संतोष सिंह
|