My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2578 | Date: 26-May-2002
Text Size
हैं जगतजननी जगदंबे, सिध्द अम्बे, हें जगतजननी जगदंबे, सिध्द अम्बे।
हैं जगतजननी जगदंबे, सिध्द अम्बे, हें जगतजननी जगदंबे, सिध्द अम्बे।
माँ तू ना तारेगी तो कौन तारेगा, तेरे सिवाय कौन स्वीकारेगा।
माँ दिल की बात तुझे ना बताऊँगा, तो किसको कहने जाऊँगा।
माँ कमियाँ होंगी लाख, ना पूरी करेगी तो कौन पूरी करेगा।
माँ तेरा बताया हुआ सच्च है तो मेरा कहा भी तो ना गलत है।
माँ फँसा हूँ अंतरद्वंद मैं, पर उबरने की चाहत अभी तक ना मरी है।
माँ होगा प्रयास मेरा जरूर अधुरा, पर तेरी कृपा से करुँगा पूरा।
माँ हौसला बढ़ाते जाना तू मेरे मन का, झूठा ना पड़ने दूंगा तेरे प्यार को।
माँ बस इक़ बूंद प्यार भरी टपका दे तू, देखते देखते क्या न कर जाऊंगा।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
खिला मन, खिला दिल, खिली-खिली बातें करता है।
Next
रोके न रूक पाउँगा, बिन कहे प्रभु तेरे पास जो मैं आऊंगा।
*
*