My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2585 | Date: 26-Jun-2002
Text Size
बहुत चाहा कर दिखाना कहा तेरा, हर कदम पे करना पड़ा सामना मन की मुश्किलों का।
बहुत चाहा कर दिखाना कहा तेरा, हर कदम पे करना पड़ा सामना मन की मुश्किलों का।
राह रोका होगा किसी ओर का औरो ने, यहाँ तो खूद की राह रोकी अपनी फितरतों ने।
इतनी भी हिम्मत न है कि ललकार के कह दूं, अब न रोक सकेगा कोई हमको।
जो थे अपने भरना चाहा रंग सारे सपनो में, किया घाव बनके अनजान उनके दिल में।
कसर कोई भी न छोड़ा, बेवफाई की सारी दास्तान शर्मा जाये किया वो कारस्तान हमने।
हया न थी दिल में न ही नजरों में, उतर आये थें बेहआई के सारे जदोजहद में।
समझ में न आया न ही समझाना चाहा, मौको को इक बार नहीं कई बार हाथ से गँवाया।
झूठ का पुलींदा बन चूका था जीते जी, रीती जिंदगी को भी भर दिया अपने कारनामों से।
जब हारा अपने आप से, पलट के देखा लग चूके थे निशां संवालिया हमपे।
किस मुंह से कहूं कुछ प्रिय तुझको, जो बिना कहे देता गया तू सब कुछ हमको।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
माँ मेरी भी सून लो कभी कभार, फंसा हुआ हूँ अपने बनाये चक्रव्यूह में जरूर।
Next
अंतहीन मुलाकात चाहता हूँ तुझसे, अंतहीन प्यार चाहता हूँ तुझसे।
*
*