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Hymn No. 2600 | Date: 30-Jul-2002
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बदलते समय में बदलती जा रही है जिंदगी, जो ना होना था वो भी होता जा रहा है जिंदगी में।
बदलते समय में बदलती जा रही है जिंदगी, जो ना होना था वो भी होता जा रहा है जिंदगी में।
महफूज थे हम जिनके वास्ते, वो आके खड़े हो गये रास्तों में जब से मसरुफ हुये हम तुझमें।
जो कल की बातें कल पे रूकी हुयी थी, वो सब आज का आज में बदलते देखा।
सच पूछो तो अनजाने में तेरा कहा करते गया, पहले डगमगाया, फिर रूका, धीरे धीरे खुद को आगे बढ़ते पाया।
ये विश्वास की बात थी, या श्रध्दा का खेल, पता नहीं पर दिल कहे हर पल ये तो तेरी कृपा के सिवाय कुछ न है।
चलने की फिक्र को भी मिटते देखा, रूकने के डर को खत्म होते देखा, खुद को धीरे धीरे ही सही तेरी ओर निरंतर बहते देखा।
क्या कैसे होगा, कब कौन करेगा, इन बातों से परे तेरी धुन में तेरे कहे को होते देखा।
हौले हौले होता गया शांत, उद्विगन मन करता है अब आराम, निरंतर समीप्य तेरा महसूस जो करता है दिल।
हर विधा से, हर प्रथा में, या सारे रिती रिवाजों से परे निरंतर रत रहता है जो दिल तुझमें।
आराम हो गया हराम, जब से पाया कार्य करने में आराम, हर दौर में जो अब गाता है दिल प्यार का।


- डॉ.संतोष सिंह