My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 257 | Date: 05-Aug-1998
Text Size
उसकी हर बात मुझे माननी है, ना मेरे मन की ना ही कीसकी सुननी,
उसकी हर बात मुझे माननी है, ना मेरे मन की ना ही कीसकी सुननी,
उसकी हाँ मैं हाँ मिलाना, कोई सवाल ना मन में ना ही लब पे ले आना ।
सब कुछ उसपे अपना छोडके, निश्चित होके दुनियादारी निभाना,
सुबह हो या शाम करते रहे कोई भी काम, मन उसके श्री चरणों में रखना ।
नमन् हम हर इक् को करेंगे, देखेंगे उसमें उसकी छवि,
जागते हुये हर पल संजोना है उसकी यादों से, सो जाने पे इसके ख्वाबों से ।
दिल की हर धडकन में गूँजे नाम उसका, चैन न आये बिन उसके;
जीवन तो है कागज के समान आज नहीं तो कल फट जान है, फटने से पहले बनना है तेरा गुलाम ।
लाज मुझे आती है जब बहकता हूँ मन के संग, तेरी दया से शरण लेते है तेरे श्री चरणों में;
अस्तित्व नहीं चाहिये मुझे अपना, चिंतन बनके मैं चूमूँ चरण तेरा, अहोभाग्य मेरा ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
तेरा प्रेम है कैसा मैंने अब तक नहीं जाना, पर आना जरूर है उसको,
Next
दिल ही दिल में बहुत कुछ कहता हूँ तुझसे, यह जानके तू सुनता होगा सब कुछ;
*
*