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Hymn No. 2613 | Date: 20-Aug-2002
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कैसे बताऊँ प्यार क्या चीज है, दिल का हाल क्या होता है प्यार में।
कैसे बताऊँ प्यार क्या चीज है, दिल का हाल क्या होता है प्यार में।
कौन सा आनंद है प्यार में, क्यों होता है मसरूफ दिल हर पल प्यार में।
ऐसा कौन सा नशा है जिसके पीछे मन भागता है, न जाने क्यों रहता है मस्त अपने आप में।
कहे कोई भी कुछ प्यार से या उलाहने में, टकटकी लगाये गुम रहता है वो ख्यालों में।
कर लो चाहे तुम कितना भी सवाल जवाब को मुस्कराके टाल जाता है वो।
चिंता में हूं न पाये उसे, बेफिक्री के आलम मे जिंदगी जीता है वो सदा।
रंग में रंगना उसके होता है मुश्किल, वो चाहे तो रंग देता है पलभर में।
प्यार वो करता है प्यार करने वालों को, हर किमत पे निभाता है रस्म प्यार की।
अहसास भी न होने देता ओरों को, हर पल मसरूफ रखता है प्यार में अपने।
कहर जो आता है उसकी जिंदगी में, चुपचाप सहे जाता है प्यार की बंदगी करते हुये।


- डॉ.संतोष सिंह