VIEW HYMN

Hymn No. 2637 | Date: 04-Jan-2003
Text Size
रखना लाज प्रभु तुम हमारी, गिरे चाहे दुनिया कि कितनी भी गाज ।
रखना लाज प्रभु तुम हमारी, गिरे चाहे दुनिया कि कितनी भी गाज ।
बदनाम न होने देना प्यार को तेरे, गुमनाम हो जाऊँ कितना भी संसार में।
पल भर के लिये सही माना तुझे अपना, अपने में होके न गुजारूं जिंदगी सारी।
रंगत में तेरे एक बार को रंगा, तो उस रंग के रहते कैसे कोई और रंग चढ़े।
ढंग से तेरे संग रहके रहना जो न आया, तो दुनिया के संग कैसे जीपाऊँगा।
तेरे संग रहके जो भुला दुनिया को, दुनिया में जाके कैसे काटूंगा जीवन सारा।
हर पग पे अब तक जो तूने सम्भाला, तो दुनिया में ऐसा कौंन निराला।
प्यार जो मैंने तुझसे है पाया, वैसी सुखद भरी कौन दे छाया।
कितना भी छुड़ाया हाथ तूने छोड़ा न साथ, तो क्यों करे मजबूर तू आज
अंदाज है ये तेरे प्यार का कैसा, जितना जानना चाहूँ उतना रहूँ अनजान।


- डॉ.संतोष सिंह