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Hymn No. 2641 | Date: 29-Jan-2003
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एक बार को जो मिले तू जी लेना चाहता हूँ जिंदगी भरके लिये।
एक बार को जो मिले तू जी लेना चाहता हूँ जिंदगी भरके लिये।
एक बार को जो तू पिला दे, तो नशा कर लेना चाहता हूँ उम्र भर के लिये।
एर बार को जो तू नजर भरके नजर मिला ले, तो खुद को भुला दूं तेरी नजरों में।
एक बार को जो तू पुकार ले प्यार से, तो जिंदगी बिसरा दूं तेरी मोहब्बत में।
एक बार को जो तू हाथ थाम ले, तो पीछा छूड़ाना हो जायेगा मुश्किल अनंत जन्मों तक।
एक बार को जो तू आजमा लें, उफ तक न करुँगा चाहे हो कितने भी वार जमाने के।
एक बार को जो तू गिरफ्त में आ जाये दिल के, तो फिर तू ना मुक्त हो पायेगा इस जेंल से।
एक बार को बस एक बार आ जा तू पास मेरे, जा न पायेगा चाहके तू दूर मुझसे।


- डॉ.संतोष सिंह