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Hymn No. 2648 | Date: 07-Mar-2003
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बनके दिखाऊँगा, बनके दिखाऊँगा जो, होता न है आज वो करके दिखाऊँगा।
बनके दिखाऊँगा, बनके दिखाऊँगा जो, होता न है आज वो करके दिखाऊँगा।
बंदे ने की है मोहब्बत, जीते जी मोहब्बत के चरम को छू छूके दिखाऊँगा।
जो आज लगती है दूर की बात, उसे श्वासों के रहते पूरा करके दिखाऊँगा।
कसम ना खाता हूँ, न ही बातों की बात बनाता हूँ, दिल की आवाज को पूरा करके दिखाऊँगा।
दोष ठपकाया है मेरे कर्मों ने, प्रारब्ध के जोर से, उसका मुख मोड़ दूंगा तेरे प्यार से।
जो हुआ न है होगा अब, सारे सबक तोड़के, इस छोर से परम छोर तक जाके दिखाऊँगा।
अथक प्रयासों का होगा दौर, जो खत्म करेगे सारे कयासों को, श्वास दर श्वास तेरी ओर आके दिखाऊँगा।
मस्तानगी के आलम में तेरे अरमानों को पूरा करते हुये प्रेम गीतों को गाके दिखाऊँगा।
किसीको न कुछ कहके गुपचुप तेरे संग रहते तेरा हर हुक्म बजाकें दिखाऊँगा।


- डॉ.संतोष सिंह