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Hymn No. 2663 | Date: 26-Apr-2003
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मर गया तो क्या, जी गया तो क्या, बिन तेरे कुछ हो गया तो क्या।
मर गया तो क्या, जी गया तो क्या, बिन तेरे कुछ हो गया तो क्या।
हाल है अपनी जिंदगी का कुछ ऐसा, कुछ हो गया तो क्या, न कुछ हुआ तो क्या।
सच पूछो तो न रहा मायने जिंदगी मैं तेरे बिना, न है तू जिंदगी में तो कुछ भी नहीं।
बहुत पा लिया तेरे बिन तो क्या, और न पाया तेरे रहते तो क्या।
मिटा मिटके मिट जायेगी जिंदगी, तेरे बिन कुछ भी न काम आयेगी जिंदगी।
बंदा करना चाहता है बंदगी तेरी, दिल को मसरूफ रखना चाहे प्यार में तेरे।
पल दो पल चल के फंस जाये माया के जाल में क्यों, फड़फड़ऊँ बहुत शोर गुल मचाऊँ।
तू न जो चाहे तो फिर कौन छुड़ाये, तेरे रहते न रहते वो किसी में दिल लगा न पाये
सारे को देखे तुझमें, हर पल जिंदगी के सारे सवालों को पूछे तुझसे।
अविराम गति से बढ़ती जाये जिंदगी, रुकने के बजाये गुजरती जाये जिंदगी।


- डॉ.संतोष सिंह