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Hymn No. 2664 | Date: 27-Apr-2003
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आ.. जाओ, आ.. जाओ, आ जाओ, तुम मेरी जिंदगी में, आ आके बस जाओ तुम
आ.. जाओ, आ.. जाओ, आ जाओ, तुम मेरी जिंदगी में, आ आके बस जाओ तुम
ख्वाबों ख्यालों की दुनिया से उतरके, साकार हो जाओ तुम मेरे जीवन में, मेरे दिल में।
क्या दिन हो या रात, तुम्हारे रहते प्यार के सिवाय न हो दिल में कोई बात।
सताये तो सताये सिर्फ तेरी यादें, नींद को चुराके वो आये मेरी आंखो में।
बातों ही बातों में गुजरे सारा जीवन, भले लब चुप हों नजरें कहा सूनी करते रहें पल पल।
कटने को कटे न पल तेरे बिन, तेरे होने पे गुजर जाये जीवन पल भर में।
न हो तेरे सिवाय कुछ, ओर की दरकार, न हो औरो से किसी बात की तकरार।
प्यार का गीत गूंजे दिल में, लबों से निकले हर पल प्यार की तान तुझे सुनाने।
तुझे सुनाऊँ अपने ख्यालों को, जो बंद हैं न जाने कब से मन की दीवालों में।
गुजरना न चाहते गुजरते जाये समय, तेरे प्यार में चूर रहते अहसास न हो हमको।


- डॉ.संतोष सिंह