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Hymn No. 2668 | Date: 06-Jun-2003
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अब हमको न रोक पाओगे, चाहते हुये गले लग जाओगे।
अब हमको न रोक पाओगे, चाहते हुये गले लग जाओगे।
मुश्किल होगी दूर रहना, अनजान रहते पास चले आओगे।
करुँगा प्यार से तेरी सेवा इतनी, खुद को भी भूल जाओगे।
कहने को न होगा कुछ, यूं ही नजरों से नजरो में खुद को भूल जाओगे।
रस भरे गीतों को सुनते, कभी भी दौड़े चले आओगे।
प्यार इतना जताऊँगा, धरा पे रहने को मजबूर हो जाओगे।
अस्त न होगी मेरे प्रेम की रश्मि, चैन न ले पाओगे।
खुली आँखों से तुम नजर आओगे, बंद नजरों से भी न छिप पाओगे।
अरे जाओ जाओ कही तुम जाओगे धरा के हर कोने में नजर आओगे।
दया से तुम ना पास आओगे, अपनी रजा से तुम साथ रह जाओगे।


- डॉ.संतोष सिंह