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Hymn No. 2670 | Date: 13-Jul-2003
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तुम हो जो अँखियों के सामने, तो लगता है मिल गया सब कुछ।
तुम हो जो अँखियों के सामने, तो लगता है मिल गया सब कुछ।

तुम हो जो दिल में तो लगता है, चाहिये न अब अब कुछ।

गुजरता रहे समय ऐसे, रफ्ता रफ्त पनपता रहे परम् प्यार तेरा।

गुलजार हो जीवन का हर लम्हा, बयाँ करुँ हर अंदाज तेरा।

कहने को न हो कुछ, अंतर में उभरे बस तेरे ही शब्द।

खत्म हो जाये चाहे जिंदगी, पर खत्म न हो तेरा कैवल्य प्यार।

चूर रहूँ तेरे प्यार में इतना, दूर रहके रहे तू मेरे पास सदा।

तेरा कहा करने में बीते जीवन, उसीमें रमता रहे मन सदा।

डोलने को डोले, बोलने को चाहे कोई कुछ भी बोले, पर दिल में तेरा नाम गूंजे।

तेरे चाहने पर पाया हूँ जीवन, तुझमें ही होम हो जाये जीवन।


- डॉ.संतोष सिंह