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Hymn No. 2671 | Date: 14-Jul-2003
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साकार कर माँ तू मेरे ख्वाबों को, जो दिखलाये है तूने।
साकार कर माँ तू मेरे ख्वाबों को, जो दिखलाये है तूने।
भर दे अदम्य पुरूषार्थ से, तेरा कहा करने में न आये कोई आलस।
गुरेज न हो किसी से, भावो से भरा रहे दिल हर पल।
बीती को बिसार कर, वर्तमान में जिऊँ संग पल पल।
चले न जादू माया का, साया बनके रहना संग हर पल।
अयोग्यता की कतार से निकाल कर, खड़ा कर दे योग्यता की कतार में
सुना हुआ हूँ बहुत कुछ तेरे बारे में, उसको बदल दे अनूभूति।
दास हूँ सदियों पुराना तेरा, अब न बनूं किसी ओर का से।
अब कि जो खिला तेरी कृपा से, मुरझाने न पाऊँ पल भर को।
पूरा कर दे मेरे सद्गुरू के चाहे हुये को, जो प्रार्थना कि है तुझसे।


- डॉ.संतोष सिंह